Jeevan me kaise khele khile khule (Original recording - voice of Sirshree)

Sinopsis

जीवन के सिखाने का तरीका

            प्रत्यक्ष सरश्री की आवाज में बताई गई इस ऑडियो बुक द्वारा जीवन स्वयं हमें जीना सिखाता है। जीवन हमें जीवन बनना सिखाता है। जीवन कभी हमें धक्के देकर सिखाता है तो कभी समस्याओं से लड़कर जीना सिखाता है। ‘जीवन’ इस विषय को जीवन से ही सीखा जा सकता है। जीवन हमें कई तरीकों से सिखाना चाहता है लेकिन हमें जीवन से सीखने का तरीका पता नहीं है। इस ऑडियो बुक द्वारा सरश्री स्वयं हमें वह तरीका बताते हैं। जिसने जीवन में अपने सबक सीख लिये उसी ने सही मायने में जीवन का अर्थ समझा और जीवन जीया।

जीवन जीयें नहीं बल्कि जीवन बनें । यह तभी हो सकता है जब हम जीवन में पूरी तरह से खिल पायें और खुल पायें। यह पुस्तक आपको जीवन में खिलने और खुलने का तरीका सिखाती हैऔर इस कार्य में कौन सी बाधायें हैं यह भी बताती है । जीवन समुद्र की तरह गहरा है। जीवन यदि समुद्र है तो यह पुस्तक आपके सामने इस समुद्र से चुने हुए कुछ अनमोल मोतियों पर प्रकाश डालती है, ताकि आप इस पुस्तक से प्रेरणा लेकर स्वयं एक अनमोल मोती बन जायें। आपका जीवन ही दर्शाये कि इस जीवन में किस तरह जीना चाहिये।

यह पुस्तक आपके जीवन में छिपी कुछ ऐसी बातों पर प्रकाश डालती है जो आपको खिलने, खुलने से रोकती हैं। जैसे कुछ वृत्तियाँ, पॅटर्नस्‌ और मान्यताएँ। इस पुस्तक में कुछ ऐसे पॅटर्नस्‌ के बारे में जिक्र किया गया है, जिन्हें जानने के बाद आप सोचेंगे कि ‘यह पॅटर्न (आदत) तो मुझ में भी है लेकिन मुझे आज तक पता नहीं था।’इस ऑडियो बुक का उद्‌देश्य यही है कि इसे सुनकर आपका हर पॅटर्न प्रकाश में आये और वह जल्द से जल्द दूर हो जाय ताकि आप पूरी तरह खिल पायें, खुल पायें और आपका जीवन खुशी की अभिव्यक्ति बने और दूसरों को खुशी देने में निमित्त बने।

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